क्या दुबई का RERA और इंडिया का RERA एक ही चीज़ है, या ये अलग-अलग तरीके से काम करते हैं?

नहीं। दुबई RERA और इंडिया RERA का नाम भले एक जैसा हो, लेकिन ये अलग-अलग कानूनों के तहत बनी अलग-अलग संस्थाएं हैं और इनका काम भी अलग है। दुबई का RERA एक सरकारी एजेंसी है जो दुबई के प्रॉपर्टी मार्केट को रोज़मर्रा के स्तर पर चलाती है। इंडिया का RERA 2016 के एक कंज़्यूमर-प्रोटेक्शन कानून से बनी राज्य-स्तरीय अथॉरिटीज़ हैं, जिनका मकसद बिल्डर्स को होमबायर्स के प्रति जवाबदेह बनाना है। अगर आप भारतीय हैं और दुबई में प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं, तो आपके लिए दुबई RERA मायने रखता है। इंडिया का RERA वहां आपको कोई सुरक्षा नहीं देता।

दुबई RERA: रियल एस्टेट रेगुलेटरी एजेंसी

दुबई की रियल एस्टेट रेगुलेटरी एजेंसी दुबई लॉ नंबर 16 ऑफ 2007 के तहत बनी थी और यह दुबई लैंड डिपार्टमेंट (DLD) की रेगुलेटरी शाखा है। इसका दायरा सिर्फ दुबई तक है। बाकी अमीरात के अपने रेगुलेटर हैं। इसके मुख्य काम हैं:

  • डेवलपर्स और ऑफ-प्लान प्रोजेक्ट्स का रेगुलेशन। डेवलपर्स का रजिस्टर्ड होना ज़रूरी है, और ऑफ-प्लान प्रोजेक्ट को यूनिट बेचने से पहले मंज़ूरी लेनी होती है। ऑफ-प्लान बिक्री अंतरिम रजिस्टर पर दर्ज होती है, जिसे Oqood कहते हैं।
  • एस्क्रो अकाउंट्स की निगरानी। एस्क्रो लॉ (लॉ नंबर 8 ऑफ 2007) के तहत ऑफ-प्लान खरीदारों का पैसा प्रोजेक्ट के एस्क्रो अकाउंट में जाता है और कंस्ट्रक्शन आगे बढ़ने पर ही डेवलपर को मिलता है। हमारी दुबई एस्क्रो अकाउंट गाइड पढ़ें।
  • ब्रोकर्स की लाइसेंसिंग। एजेंट्स के पास RERA ब्रोकर कार्ड और ब्रोकर रजिस्ट्रेशन नंबर (BRN) होना ज़रूरी है।
  • प्रॉपर्टी विज्ञापनों पर नियंत्रण। हर लिस्टिंग के लिए Trakheesi परमिट चाहिए।
  • सर्विस चार्ज और ओनर्स एसोसिएशन। जॉइंटली ओन्ड प्रॉपर्टी लॉ (लॉ नंबर 6 ऑफ 2019) के तहत बिल्डिंग के सर्विस चार्ज RERA से मंज़ूर होते हैं और ओनर्स एसोसिएशन पर भी RERA की निगरानी रहती है।
  • किराया। RERA रेंटल इंडेक्स जारी करता है, जिससे तय होता है कि मकान-मालिक डिक्री नंबर 43 ऑफ 2013 के तहत किराया कितना बढ़ा सकता है। यह Ejari भी चलाता है, जो टेनेंसी का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन सिस्टम है।

मकान-मालिक और किराएदार के विवाद रेंटल डिस्प्यूट्स सेंटर में जाते हैं, जो DLD का ही हिस्सा है।

इंडिया RERA: रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटीज़

इंडिया का RERA रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट, 2016 से आता है। इसकी कोई एक राष्ट्रीय संस्था नहीं है। हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की अपनी अथॉरिटी है, जैसे महाराष्ट्र में MahaRERA, और उसके ऊपर एक अपीलीय ट्रिब्यूनल होता है। इसके मुख्य नियम हैं:

  • प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन। 500 वर्ग मीटर से ज़्यादा ज़मीन या आठ से ज़्यादा यूनिट वाले प्रोजेक्ट्स को विज्ञापन या बिक्री से पहले राज्य RERA में रजिस्टर कराना ज़रूरी है।
  • खरीदारों के पैसे के लिए अलग अकाउंट। बिल्डर्स को खरीदारों से मिले पैसे का 70% एक अलग बैंक अकाउंट में रखना होता है और उसे सिर्फ उसी प्रोजेक्ट की ज़मीन और कंस्ट्रक्शन पर खर्च करना होता है।
  • देरी पर मुआवज़ा। पज़ेशन में देरी होने पर खरीदार ब्याज या रिफंड मांग सकते हैं।
  • डिफेक्ट की ज़िम्मेदारी। पज़ेशन के पांच साल के अंदर बताए गए स्ट्रक्चरल डिफेक्ट बिल्डर को ठीक करने होते हैं।
  • एजेंट रजिस्ट्रेशन। रियल एस्टेट एजेंट्स को भी राज्य RERA में रजिस्टर होना पड़ता है।

दुबई RERA बनाम इंडिया RERA: एक नज़र में

पहलूदुबई RERAइंडिया RERA
यह क्या हैदुबई लैंड डिपार्टमेंट के अंदर एक सरकारी एजेंसीएक राष्ट्रीय कानून के तहत हर राज्य में बनी वैधानिक अथॉरिटीज़
कानूनी आधारदुबई लॉ नंबर 16 ऑफ 2007 और दुबई के प्रॉपर्टी कानूनरियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट, 2016
दायरासिर्फ दुबईहर राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की अलग अथॉरिटी
मुख्य मकसदपूरे मार्केट को चलाना और रेगुलेट करना: डेवलपर्स, ब्रोकर्स, किराया, सर्विस चार्ज, विज्ञापनहोमबायर्स को बिल्डर की देरी, धोखाधड़ी और पैसे के गलत इस्तेमाल से बचाना
खरीदारों का पैसाऑफ-प्लान पेमेंट एस्क्रो में, कंस्ट्रक्शन के माइलस्टोन पर रिलीज़कलेक्शन का 70% अलग प्रोजेक्ट अकाउंट में
किराएदारीरेंटल इंडेक्स, Ejari रजिस्ट्रेशन, रेंटल डिस्प्यूट्स सेंटरशामिल नहीं
ब्रोकर्सRERA ब्रोकर कार्ड से लाइसेंसराज्य RERA में रजिस्ट्रेशन

भारतीय खरीदारों के लिए इसका मतलब

  • दुबई में खरीद रहे हैं: इंडिया का RERA दुबई के डेवलपर के मामले में आपकी मदद नहीं कर सकता। आपकी सुरक्षा दुबई के कानून से आती है: DLD के Dubai REST ऐप पर प्रोजेक्ट और डेवलपर चेक करें, पैसा सिर्फ प्रोजेक्ट के एस्क्रो अकाउंट में भेजें, एजेंट का BRN मांगें और देखें कि लिस्टिंग पर Trakheesi परमिट है।
  • NRI के तौर पर इंडिया में खरीद रहे हैं: यहां इंडिया का RERA आपकी सुरक्षा करता है। कोई भी पेमेंट करने से पहले राज्य RERA की वेबसाइट पर प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन नंबर चेक करें।
  • टैक्स दोनों से अलग है। कोई भी RERA टैक्स से जुड़ा काम नहीं करता। हमारी दुबई प्रॉपर्टी टैक्स गाइड और दुबई में रहने वाले भारतीयों के लिए NRI टैक्स नियम पढ़ें।

संक्षेप में: दुबई RERA मार्केट चलाता है। इंडिया RERA खरीदारों को बिल्डर्स से बचाता है। नाम एक, काम अलग।

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