नहीं — दुबई का RERA और इंडिया का RERA पूरी तरह अलग-अलग संस्थाएं हैं, बस नाम एक जैसा है।
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🔹 दुबई RERA (रियल एस्टेट रेगुलेटरी एजेंसी)
दुबई का RERA दुबई लैंड डिपार्टमेंट (DLD) का एक यूनिट है, जो ब्रोकर/एजेंट, रेंटल मार्केट और ब्रोकरेज गतिविधियों को देखता है।
📝 दुबई RERA क्या करता है:
- रियल एस्टेट ब्रोकर और एजेंट्स को लाइसेंस देना
- Ejari (टेनेंसी रजिस्ट्रेशन) का प्रबंधन
- प्रॉपर्टी लिस्टिंग और एडवर्टाइज़िंग के स्टैंडर्ड तय करना
- एस्क्रो अकाउंट और डेवलपर बिहेवियर के नियम तय करना
- रेंटल डिस्प्यूट रेज़ॉल्यूशन (रेंटल डिस्प्यूट सेंटर के जरिए)
सीधे शब्दों में, दुबई RERA मार्केट रेगुलेशन और एजेंट लाइसेंसिंग पर ज्यादा फोकस करता है।
🔹 इंडिया RERA (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी)
भारतीय RERA, रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट, 2016 पर आधारित है और हर राज्य में अलग अथॉरिटी है।
📝 भारतीय RERA क्या करता है:
- रियल एस्टेट डेवलपर्स और प्रोजेक्ट्स को रेगुलेट करना
- बिक्री से पहले हर प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करना
- खरीदारों को देरी और धोखाधड़ी से बचाना
- प्रोजेक्ट फंड्स के लिए एस्क्रो नियम लागू करना
- डेवलपर्स के खिलाफ खरीदारों की शिकायतों का निबटारा
भारतीय RERA का मुख्य फोकस कंज्यूमर प्रोटेक्शन और डेवलपर्स की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
आसान शब्दों में समझें तो फर्क
दुबई RERA एक सरकारी मार्केट रेगुलेटर एजेंसी है (DLD के तहत), जो ब्रोकर, रेंटल, लाइसेंसिंग पर नजर रखती है, और Ejari सेंट्रलाइज्ड सिस्टम पर चलती है।
इंडिया का RERA एक कानूनी-आधारित अथॉरिटी है (राज्य-वार बॉडीज), जो बिल्डर्स, प्रोजेक्ट्स और बायर प्रोटेक्शन पर केंद्रित है।
🤯 निचोड़: दुबई RERA = मार्केट रेगुलेटरी एजेंसी (इंडस्ट्री कैसे चलती है)। इंडिया RERA = कंज्यूमर प्रोटेक्शन लॉ। दोनों का नाम एक है, पर काम-काज पूरी तरह अलग हैं।