दुबई में कॉन्डो खरीदने के बाद, क्या कोई सालाना टैक्स या अन्य फीस लगती है?

आपके सवाल का छोटा जवाब यह है कि दुबई में कोई प्रॉपर्टी टैक्स नहीं लगती — और यही एक बड़ी वजह है कि इन्वेस्टर्स दुबई को इतना पसंद करते हैं।

यह भी पढ़ें: दुबई में रेंट बनाम बनाम 2026: इंडियन एक्सपेट्स के लिए डिसिज़न गाइड

US, UK और इंडिया के उलट, जहां प्रॉपर्टी से हर साल वैल्यू पर टैक्स देना पड़ता है, दुबई में रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी पर सालाना टैक्स 0% है।

रेंटल इनकम पर भी टैक्स नहीं, और ज्यादातर मामलों में इंडिविजुअल्स के लिए कैपिटल गेंस टैक्स भी नहीं। इससे लंबे समय तक प्रॉपर्टी रखने का टैक्स बोझ काफी हल्का रहता है।

‘टैक्स-फ्री’ का मतलब यह नहीं कि कोई पैसा खर्च नहीं होगा। खरीदते समय सबसे बड़ी लागत है दुबई लैंड डिपार्टमेंट (DLD) ट्रांसफर फीस — सेल प्राइस का लगभग 4%, प्लस थोड़ी-बहुत रजिस्ट्रेशन चार्ज। ये सब एक बार दी जाती हैं, हर साल नहीं लगतीं।

हां, कुछ चीजें हर साल चलती हैं — ये टैक्स नहीं, बल्कि मेंटेनेंस कॉस्ट हैं। सबसे बड़ा है सर्विस चार्ज (बिल्डिंग मेंटेनेंस की फीस) — सिक्योरिटी, क्लीनिंग, एलिवेटर, पूल, जिम — सब इसीमें आता है। यूनिट के साइज़ के हिसाब से बिल्डिंग-टू-बिल्डिंग यह काफी अलग-अलग होता है।

दूसरी चीज़ है दुबई म्यूनिसिपैलिटी हाउसिंग फीस — यूनिट की सालाना रेंटल वैल्यू का लगभग 5%, जो DEWA बिल में मंथली-मंथली जुड़कर आती है। खुद रहते हैं तब भी यह लगती है, क्योंकि यह यूनिट पर आधारित फीस है, मालिक पर नहीं। लोग इसे गलती से ‘प्रॉपर्टी टैक्स’ समझ लेते हैं, जबकि वास्तव में यह म्यूनिसिपल फीस है।

DEWA बिल, इंश्योरेंस (ऐच्छिक पर सलाह दी जाती है) और रिपेयर का खर्च भी चलता रहता है, पर प्रॉपर्टी रखने पर कोई सालाना सरकारी टैक्स नहीं लगता।

छोटे में: ✅ कोई सालाना प्रॉपर्टी टैक्स नहीं। ✅ रेंटल इनकम पर टैक्स नहीं। ✅ कैपिटल गेंस टैक्स नहीं। ❗ बस सर्विस चार्ज + हाउसिंग फीस + यूटिलिटी कॉस्ट जरूर जुड़ेंगे।

यही वजह है कि दुबई को ‘लो-टैक्स, हाई-कैश-फ्लो’ मार्केट कहा जाता है।

DUBAI TAX AND PROPERTY
Your trusted source for expert insights on Dubai tax regulations, residency, visas, and investment in Dubai’s real estate market.